US Iran War: भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि ईरान को अमेरिका के इरादों पर हमेशा से शक रहा है। इलाही ने इमामबाड़ा जवाहर अली खान में शिया समुदाय की भागीदारी के साथ आयोजित 'याद-ए-शुहदा' कार्यक्रम के दौरान ANI से बातचीत की। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि वो क्या करना चाहते हैं, क्योंकि वो कहते हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) खुला रहना चाहिए, और साथ ही वो होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास नाकेबंदी कर रहे हैं। ये बातें एक-दूसरे के विरोधाभासी हैं।"
'अमेरिका अपनी मांगें मनवाना चाहता है'
इलाही ने कहा कि अमेरिका ईरान पर दबाव डालकर अपनी मांगें मनवाना चाहता है। उन्होंने कहा, "असल में, शुरू से ही हमें संघर्ष-विराम और बातचीत के इरादों पर शक था। वे बातचीत करने वाले लोग नहीं हैं। वे बस ज़बरदस्ती वह सब हासिल करना चाहते हैं जो वे चाहते हैं। वे ताक़त के दम पर उसे पाना चाहते हैं। और हमने शुरू से ही यह साफ़ कर दिया था कि हमें उन पर शक है, लेकिन हम दुनिया को यह दिखाना चाहते थे कि हम युद्ध चाहने वाले लोग नहीं हैं, हम युद्ध नहीं चाहते, हम कोई संकट नहीं चाहते, और हम हर जगह शांति चाहते हैं।" "असल में, ज़ाहिर है शुरू से ही हमें पता था कि वे बातचीत के लिए नहीं आ रहे हैं।"
जेडी वेंस ने ईरान पर बोला हमला
इससे पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा था कि तेहरान दुनिया भर में आर्थिक आतंकवाद फैलाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि मैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से 100 फीसदी सहमत हूं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते। वेंस ने कहा कि अच्छी बात यह है कि अमेरिका और ईरान मिले और उन्होंने विवादों पर चर्चा की। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह पहली बार था जब आपने ईरानी सरकार और अमेरिकी सरकार को इतने ऊंचे स्तर पर मिलते देखा। हमने बातचीत में कुछ प्रगति भी की है।
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